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प्रेम सदन संस्था ने होली मिलन समारोह में महिला प्रतिभाओं का किया सम्मान काव्य गोष्ठी में गूंजी साहित्यिक स्वर, शहर की प्रतिभाओं को मिला सम्मान

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जगदलपुर (विमलेंदु शेखर झा): शहर के लाला जगदलपुरी ग्रंथालय में गुरुवार को साहित्यिक-सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था “प्रेम सदन” के तत्वावधान मे...

जगदलपुर (विमलेंदु शेखर झा):

शहर के लाला जगदलपुरी ग्रंथालय में गुरुवार को साहित्यिक-सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था “प्रेम सदन” के तत्वावधान में होली मिलन समारोह के अवसर पर महिला प्रतिभा सम्मान समारोह एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर की विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिला प्रतिभाओं को शाल, श्रीफल और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया, वहीं कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्यिक वातावरण को जीवंत बना दिया।

कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र में सम्मान समारोह और द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की संस्थापक श्रीमती प्रेम देवी नाग तथा अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

सम्मान समारोह के दौरान एशियन कॉमनवेल्थ गेम में प्रतिनिधित्व करने वाली गुरप्रीत कौर, कुष्ठरोगियों की सेवा के लिए विजय लक्ष्मी दानी, राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी जिज्ञासा कश्यप, फुटबॉल खिलाड़ी मुस्कान सलाम, साहित्य क्षेत्र में नवनीत कमल, पत्रकारिता में मीनाक्षी जोशी, शतरंज खिलाड़ी अलंकृता मोहराणा तथा शिक्षा के क्षेत्र में देवश्री गोयल को सम्मानित किया गया। वहीं राष्ट्रीय युवा संसद नागपुर में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले श्रीवर सिंह ठाकुर को विशेष रूप से सम्मान प्रदान किया गया।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ रचनाकार एवं समाजसेवी श्रीमती शैल दुबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज की महिलाएं घर की देहरी से बाहर निकलकर हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। कार्यक्रम का संचालन कविता बिजोलिया ने किया।

द्वितीय सत्र में आयोजित काव्य गोष्ठी के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि एवं विचारक शिव सागर त्रिपाठी ने कहा कि इतिहास में महिलाओं का योगदान अक्सर अप्रत्यक्ष रहा है, किंतु वही समाज और महान व्यक्तित्वों के निर्माण की आधारशिला रही हैं। उन्होंने महाकवि कालिदास का उदाहरण देते हुए स्त्री शक्ति के महत्व को रेखांकित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. पूर्णिमा सरोज ने कहा कि संस्था का उद्देश्य साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित साहित्यकारों को पेन और डायरी भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में जयश्री शेंडे, उर्मिला शर्मा, जितेंद्र पांडे, रमा कश्यप, एकता नाग, रंजना सिन्हा, कृति सुरोजिया, गुंजन सिन्हा, गजराज सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन में जिला ग्रंथालय, हिंदी साहित्य भारती और साहित्य साधना शक्ति का विशेष सहयोग रहा।

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में आयोजित काव्य गोष्ठी में कई कवियों ने अपनी भावपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शशांक शेंडे ने “मैंने नहीं पढ़ा मैक्सिम गोर्की को, लेकिन मां को अच्छे से समझता हूं…”, पूर्णिमा देहारी ने “जाओ हंस के जाओ…”, नीता पांडे ने “सरसों फूले खेत में, वन में खिले पलाश…”, स्मृति मिश्रा ने “नैन मेरे अश्रु भरे…” तथा श्रीवर सिंह ठाकुर ने “कण-कण में नव स्पंदन जागा…” जैसी रचनाएं प्रस्तुत कीं।

इसके अलावा सतरूपा मिश्रा, कविता बिजौलिया, चमेली नेताम, ऋषि शर्मा ‘ऋषि’, नवनीत कमल, रानू शील नाग, कृष्ण शरण पटेल, मनोज पाणिग्रही और तुलादास मानिकपुरी ने भी अपनी कविताओं का पाठ कर साहित्यिक वातावरण को समृद्ध किया।

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