जगदलपुर: नगर निगम जगदलपुर ने स्पष्ट किया है कि शहर में संपत्ति कर (हाउस टैक्स) की दरों में किसी प्रकार की कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हाल...
जगदलपुर: नगर निगम जगदलपुर ने स्पष्ट किया है कि शहर में संपत्ति कर (हाउस टैक्स) की दरों में किसी प्रकार की कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हाल के दिनों में कुछ संपत्तियों पर टैक्स राशि अधिक आने का कारण संपत्तियों का री-असेसमेंट है, न कि टैक्स दरों में वृद्धि।
नगर निगम के अनुसार री-असेसमेंट प्रक्रिया के दौरान उन संपत्तियों में टैक्स राशि बढ़ी है, जहाँ
नया निर्माण किया गया है,
संपत्ति का उपयोग रिहायशी से व्यावसायिक में परिवर्तित हुआ है, या
पहले दर्ज क्षेत्रफल की तुलना में वास्तविक निर्मित क्षेत्र अधिक पाया गया है।
ऐसे मामलों में टैक्स राशि का बढ़ना स्वाभाविक है।
नगर निगम ने बताया कि संपत्ति की टैक्स योग्य वैल्यू क्षेत्रफल, लोकेशन, उपयोग तथा संपत्ति के प्रकार के आधार पर निर्धारित की जाती है। उल्लेखनीय है कि लगभग 14 वर्षों के बाद शहर की संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन (री-असेसमेंट) कराया गया है, ताकि रिकॉर्ड को वास्तविक स्थिति के अनुरूप अद्यतन किया जा सके।
नगर निगम के राजस्व सभापति श्री संग्राम सिंह राणा ने कहा कि हाउस टैक्स नगर निगम के राजस्व का एक प्रमुख स्रोत है। इसी राजस्व से सड़क मरम्मत, कचरा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं के संचालन और विकास के लिए धन उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी नागरिक को लगता है कि उनकी संपत्ति का री-असेसमेंट सही नहीं हुआ है, तो वे संबंधित नगर निगम कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। निगम द्वारा पुनः नाप-जोख एवं जांच की पूरी प्रक्रिया उपलब्ध है और नागरिकों की शिकायतों के निराकरण के लिए निगम पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी शंका की स्थिति में सीधे निगम कार्यालय से जानकारी प्राप्त करें।


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