जगदलपुर/बस्तर: छत्तीसगढ़ में भाजपा की साय सरकार की धान खरीदी नीति को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश का अन्नदाता किसान...
जगदलपुर/बस्तर:
छत्तीसगढ़ में भाजपा की साय सरकार की धान खरीदी नीति को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश का अन्नदाता किसान आज एग्रीगेट, वनाधिकार पट्टा, रकबा कम दिखाए जाने और सीमित समय-सीमा जैसी गंभीर समस्याओं के कारण दफ्तर-दफ्तर भटकने को मजबूर है। हालात यह हैं कि धान बेचने आए किसानों को खरीदी केंद्रों से निराश लौटना पड़ रहा है।
ग्राम माधोता स्थित धान खरीदी केंद्र के निरीक्षण के दौरान पहुंचे युवा कांग्रेस आदिवासी नेता एवं जिला उपाध्यक्ष श्री हेमंत कश्यप को किसानों ने बताया कि 31 जनवरी 2025 तक टोकन फुल हो चुके हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार के टोकन बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक किसान से लगभग 900 ग्राम अतिरिक्त धान जबरन लिया जा रहा है, जिसे किसानों ने खुली लूट करार दिया।
किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए केवल 15 दिनों का समय निर्धारित करना पूरी तरह अव्यावहारिक और किसान विरोधी निर्णय है। इतनी कम अवधि में सभी किसानों के लिए अपनी उपज बेचना संभव नहीं है। विशेष रूप से वनाधिकार पट्टाधारी किसान सबसे अधिक प्रभावित हैं, जिनकी जमीन का रकबा पोर्टल में कम दिखाया जा रहा है, जिससे उनकी धान खरीदी ही नहीं हो पा रही है। वहीं एग्रीगेट में भारी विसंगतियों के कारण भी बड़ी संख्या में किसानों को खरीदी से बाहर किया जा रहा है।
इस मौके पर युवा कांग्रेस नेता हेमंत कश्यप ने कहा,
भाजपा सरकार किसानों के नाम पर केवल दिखावा कर रही है। कागजों में सब कुछ ठीक दिखाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद खराब है। सरकार जानबूझकर किसानों की समस्याओं से आंख मूंदे बैठी है।
उन्होंने बताया कि बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल द्वारा मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और खाद्य मंत्री को लगातार पत्र लिखकर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। यह भाजपा की किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा के सांसद और विधायक क्षेत्र में त्योहार मनाने और फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं, जबकि धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण नहीं किया जा रहा। उल्टे, पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यों के शिलान्यास और उद्घाटन कर वाहवाही लूटी जा रही है। पंचायतों में नए विकास कार्यों की स्वीकृति न मिलने से ग्रामीण विकास पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे सरपंच और जनप्रतिनिधि भी परेशान हैं।
युवा कांग्रेस ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र धान खरीदी की समय-सीमा कम से कम एक माह तक नहीं बढ़ाई गई, एग्रीगेट व रकबा संबंधी त्रुटियां दूर नहीं की गईं और वनाधिकार पट्टाधारी किसानों को राहत नहीं दी गई, तो संगठन सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की होगी।
निरीक्षण एवं चर्चा के दौरान युवा कांग्रेस आदिवासी नेता हेमंत कश्यप के साथ विजय भारती, निगरानी समिति सदस्य, ब्लॉक उपाध्यक्ष एकादशी बघेल, दयाराम, सुनील, रघु, राजू बघेल, रामचंद्र बघेल, दुर्गेश सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ का किसान अब जाग चुका है और अपने हक की लड़ाई हर हाल में लड़ने के लिए तैयार है।



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