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केंद्रीय बजट 2026–27 कौशल, तकनीक और रोजगार से ‘विकसित भारत’ की मजबूत नींव सांसद महेश कश्यप ।

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बस्तर:    केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 को बस्तर सांसद महेश कश्यप ने ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाला दूरदर्शी...

बस्तर:   केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 को बस्तर सांसद महेश कश्यप ने ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाला दूरदर्शी, समावेशी और भविष्य-उन्मुख बजट बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की दूरदृष्टि से तैयार यह बजट कौशल विकास, तकनीक, रोजगार और नवाचार के जरिए आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखता है।

सांसद महेश कश्यप ने बताया कि देश की सुरक्षा और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को सशक्त करने के उद्देश्य से रक्षा बजट को 6.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जो लगभग 15.2 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। इससे भारत की सामरिक क्षमता के साथ-साथ स्वदेशी रक्षा उद्योग को भी नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि रेल और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के साथ-साथ 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास की घोषणा से देश की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर सांसद कश्यप ने कहा कि बजट में 3 नए आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना तथा मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 5 मेडिकल हब विकसित करने का प्रावधान सराहनीय है। इसके अलावा कैंसर की 17 दवाओं और हीमोफीलिया, सिकल सेल व मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को आयात शुल्क से मुक्त कर आम जनता को बड़ी राहत दी गई है।

महिला एवं बालिका सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि देश के लगभग 800 जिलों में बालिकाओं के लिए एक-एक हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी उद्यमी महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ मॉडल पर सीमार्ट की स्थापना से महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता मिलेगी।

कृषि, मत्स्य पालन और पशुपालन को रोजगार का बड़ा माध्यम बताते हुए सांसद कश्यप ने कहा कि नारियल प्रोत्साहन योजना से लगभग 3 करोड़ लोगों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही 500 तालाबों व अमृत सरोवरों का विकास, चंदन उद्योग का पुनरुत्थान और काजू व कोको को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि बजट 2026–27 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में स्थापित किया गया है। एआई का उपयोग अब सरकारी सेवाओं, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी किया जाएगा, जिससे भारत का कार्यबल वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनेगा।

युवाओं के लिए कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सांसद कश्यप ने कहा कि स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन और सेवा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नए अवसर सृजित होंगे। आईटीआई, पॉलिटेक्निक और अन्य प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़कर युवाओं को भविष्य के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

अंत में सांसद महेश कश्यप ने कहा कि कर्तव्य भवन में प्रस्तुत यह बजट “सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास, सबका विश्वास” की भावना पर आधारित है। यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, श्रमिक और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बस्तर की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण कनेक्टिविटी, स्किल सेक्टर, ई-मोबिलिटी, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी घोषणाएं बस्तर की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगी और क्षेत्र के समग्र विकास को तेज रफ्तार मिलेगी।

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