बीजापुर: कभी नक्सल प्रभाव से जूझते बीजापुर जिले के अंदरूनी इलाकों में अब बदलाव की बयार साफ महसूस की जा रही है। उसूर ब्लॉक के धर्मावरम गांव स...
बीजापुर:
कभी नक्सल प्रभाव से जूझते बीजापुर जिले के अंदरूनी इलाकों में अब बदलाव की बयार साफ महसूस की जा रही है। उसूर ब्लॉक के धर्मावरम गांव से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो बताती है कि शासन की योजनाएं अब ज़मीन पर असर दिखा रही हैं।
इस बदलाव की मिसाल बनी हैं 60 वर्षीय श्रीमती गुण्डी बुचम्मा, जिन्होंने वर्षों तक कच्चे और खपरैल वाले घर में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताया। बरसात के मौसम में टपकती छत, असुरक्षा और असुविधाओं के बीच गुज़ारा करना उनकी मजबूरी थी। लेकिन अब उनकी ज़िंदगी में बड़ा बदलाव आया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें पक्का मकान मिला है, जो उनके लिए सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक बन गया है। अब उनका परिवार सुरक्षित और बेहतर वातावरण में जीवन जी रहा है। गुण्डी बुचम्मा के बेटे जगत बुचम्मा बताते हैं कि नए घर ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है। जहां पहले हर मौसम एक चुनौती था, वहीं अब उनका परिवार सुकून और आत्मविश्वास के साथ रह रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले नक्सल प्रभाव के कारण विकास कार्यों में बाधाएं आती थीं, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। सरकारी योजनाएं गांव-गांव तक पहुंच रही हैं और लोगों का भरोसा शासन पर मजबूत हो रहा है। यह कहानी सिर्फ गुण्डी बुचम्मा के परिवार की नहीं, बल्कि पूरे बीजापुर जिले के बदलते स्वरूप की झलक है जहां अब डर और असुरक्षा की जगह विकास और उम्मीद ने ले ली है।


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