जगदलपुर: बस्तर जिले में अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वन एवं जलवायु ...
जगदलपुर:
बस्तर जिले में अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश और विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान करपावंड वन परिक्षेत्र में यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, 7 अप्रैल को ग्राम गारेंगा के बाजार चौक पर वाहन चेकिंग के दौरान वन विभाग की टीम ने टाटा 1109 वाहन (क्रमांक CG27 G 0144) को रोका। तलाशी लेने पर वाहन में महुआ और आम की मिश्रित जलाऊ लकड़ी के 7 चट्टे अवैध रूप से परिवहन करते पाए गए।
वाहन चालक भवानी प्रसाद सूर्यवंशी, निवासी देउरबाल (कोंडागांव), मौके पर लकड़ी परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर परिसर रक्षक तुलेश बघेल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लकड़ी और वाहन को भारतीय वन अधिनियम 1927 तथा छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम 2001 के तहत जप्त कर लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी करपावंड द्वारा जप्त वाहन और लकड़ी को राजसात करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसकी सूचना प्राधिकृत अधिकारी एवं उपवनमंडलाधिकारी बस्तर को भेज दी गई है।
मुख्य वनसंरक्षक जगदलपुर वृत्त आलोक कुमार तिवारी और वनमंडलाधिकारी बस्तर उत्तम कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में विभाग लगातार वनों के संरक्षण के लिए सख्त कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध कटाई, तस्करी और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है।


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