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इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का शुभारंभ: मानव हित और वैल्यू एडिशन पर जोर

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जगदलपुर:  शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का भव्य शुभारंभ सोमवार को राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख...

जगदलपुर: शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का भव्य शुभारंभ सोमवार को राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम में नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी विकास के माध्यम से बस्तर के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अपने संबोधन में कहा कि यह महाकुंभ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि “मजबूत और आत्मनिर्भर बस्तर” की ओर एक सार्थक शुरुआत है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हर इनोवेशन मानव हित में होना चाहिए और उसमें वैल्यू एडिशन की स्पष्ट उपयोगिता होनी चाहिए। उन्होंने पर्यावरण परिवर्तन, माइक्रोप्लास्टिक और वैश्विक खतरों का जिक्र करते हुए इन चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचार की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी को नौकरी देना संभव नहीं, लेकिन हर व्यक्ति को काम मिल सकता है—इसके लिए उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह आयोजन बस्तर के युवाओं के भविष्य निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बस्तर की समृद्ध कला, संस्कृति और वन संपदा को तकनीक के जरिए वैश्विक मंच तक पहुंचाने की बात कही।

स्वदेशी एवं उद्यमिता विशेषज्ञ सतीश कुमार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि मेहनत, व्यवहार और नवाचार के बल पर वे सफल उद्यमी बन सकते हैं। वहीं, एनईटीएफ के चेयरमैन प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे ने युवाओं को असफलता से न डरने और लगातार प्रयास करने का संदेश दिया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय युवाओं को “ज्ञान से स्वावलंबन” तक की यात्रा के लिए मंच प्रदान कर रहा है।

इस अवसर पर “इनोवेशन एंड स्टार्टअप कंपेंडियम 2026 (रोडमैप फॉर विकसित भारत 2047)” का विमोचन किया गया। साथ ही पद्मश्री बुधरी ताती का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में लगे स्टार्टअप और इनोवेशन स्टॉल्स में युवाओं की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली।

उद्घाटन सत्र में सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पांडेय, बस्तर महाराज कमलचंद्र भंजदेव, आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर प्रो. राजीव प्रकाश सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

महाकुंभ के दूसरे दिन विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें उद्यमिता और स्टार्टअप से जुड़े सफल लोगों के अनुभव साझा किए जाएंगे। साथ ही टीआईई रायपुर और आई-क्रिएट अहमदाबाद के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे।

समापन समारोह मंगलवार को अपराह्न 3:30 बजे आयोजित होगा, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे तथा बेस्ट आइडिया, बेस्ट स्टार्टअप और यंग इंटरप्रेन्योर पुरस्कार भी वितरित किए जाएंगे।

इनोवेशन महाकुंभ 1.0 ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि बस्तर अब केवल परंपराओं का क्षेत्र नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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