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बस्तर में विकास, रोजगार और आदिवासी सशक्तिकरण पर केंद्र का फोकस, अमित शाह ने रखा विजन

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जगदलपुर:  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बस्तर के विकास, नक्सल उ...

जगदलपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बस्तर के विकास, नक्सल उन्मूलन और आदिवासी सशक्तिकरण को लेकर केंद्र सरकार का विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब बदलाव के दौर से गुजर रहा है और आने वाले पांच वर्षों में इस क्षेत्र को विकास, समृद्धि और संतृप्ति के मॉडल के रूप में स्थापित किया जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार ने बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए तीन स्तंभों पर आधारित कार्य योजना तैयार की है। पहला, सुरक्षा और विकास को साथ लेकर चलना। दूसरा, युवाओं और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए वैज्ञानिक कार्यक्रम तैयार करना। तीसरा, जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित करना।

बस्तर पंडूम से संस्कृति को मिली नई पहचान:

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू किए गए “बस्तर पंडूम” ने स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का काम किया है। इस आयोजन में स्थानीय भाषा, व्यंजन, हस्तशिल्प और पारंपरिक कलाओं को मंच प्रदान किया गया।

उन्होंने बताया कि एक वर्ष पहले शुरू हुए इस आयोजन में पहले चरण में 45 हजार लोगों ने भाग लिया था, जबकि बाद में यह संख्या बढ़कर 3 लाख 54 हजार तक पहुंच गई। गांव स्तर से शुरू होकर तहसील, जिला और संभाग स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिससे बड़ी संख्या में लोग अपनी संस्कृति के संरक्षण से जुड़े।

बस्तर ओलंपिक में युवाओं की बड़ी भागीदारी:

अमित शाह ने बताया कि अब तक दो बार बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा चुका है। हालिया आयोजन में 3 लाख 94 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि इसमें पुनर्वासित नक्सली परिवारों और पूर्व नक्सल प्रभावित युवाओं ने भी शानदार प्रदर्शन किया, जो सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय किया है। “सुरक्षा से विश्वास, विश्वास से विकास, विकास से समृद्धि और समृद्धि से संतृप्ति” की यात्रा पूरी करना सरकार का उद्देश्य है।

हिंसा नहीं, लोकतंत्र ही समाधान

गृह मंत्री ने देशभर में माओवादी विचारधारा से जुड़े लोगों को संदेश देते हुए कहा कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। लोकतांत्रिक मूल्यों, सहयोग और विकास की अवधारणा ही समाज और व्यक्ति को आगे बढ़ा सकती है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण दशकों तक बस्तर विकास से वंचित रहा। स्कूल इसलिए नहीं बन पाए क्योंकि नक्सलियों ने उन्हें उड़ाया, अस्पताल प्रभावित हुए और बैंकिंग व्यवस्था भी बाधित रही।

70 कैंप बनेंगे “वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा”:

अमित शाह ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बस्तर में सुरक्षा बलों द्वारा स्थापित 200 कैंपों में से 70 कैंपों को अब “वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा” में बदला जाएगा।

उन्होंने बताया कि इन सेवा डेरों के माध्यम से गांव-गांव तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी। यहां बैंकिंग सुविधाएं, आधार कार्ड निर्माण, डिजिटल सेवाएं, कॉमन सर्विस सेंटर, राशन दुकान, स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्कूल और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए केंद्र और राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाया जाएगा।

रोजगार और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर

गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर के विकास की कार्ययोजना में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार केवल सड़क और भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार सृजन और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सेवा डेरों के माध्यम से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

5 साल में आय 6 गुना बढ़ाने का लक्ष्य:

अमित शाह ने कहा कि बस्तर देश के अन्य हिस्सों की तुलना में विकास की दौड़ में 30-40 वर्ष पीछे रह गया है। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार यहां आधारभूत संरचना, सिंचाई परियोजनाएं, रेलवे कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर तेजी से काम कर रही है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले पांच वर्षों में बस्तर के नागरिकों की औसत आय 6 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

आदिवासी समाज से की अपील:

गृह मंत्री ने बस्तरवासियों और विशेष रूप से आदिवासी समाज से अपील करते हुए कहा कि जो लोग दशकों तक बंदूक के साए में बस्तर को रोककर रखना चाहते थे, उनके बहकावे में न आएं।

उन्होंने कहा कि जनता को अपनी चुनी हुई पंचायत, जिला पंचायत, राज्य सरकार और भारत सरकार पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि यही संस्थाएं बस्तर को विकास की नई दिशा दे सकती हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में अमित शाह ने कहा कि बस्तर में अब नए सूर्योदय की शुरुआत हो चुकी है और केंद्र व राज्य सरकार मिलकर यहां के युवाओं, महिलाओं और आदिवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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