जगदलपुर (विमलेंदु शेखर झा): केदार कश्यप ने अपने कार्यालय के प्रशासनिक कार्यों, फाइल संचालन और पत्राचार को पूरी तरह ई-ऑफिस प्रणाली से संचा...
जगदलपुर (विमलेंदु शेखर झा): केदार कश्यप ने अपने कार्यालय के प्रशासनिक कार्यों, फाइल संचालन और पत्राचार को पूरी तरह ई-ऑफिस प्रणाली से संचालित करने का निर्णय लेकर डिजिटल प्रशासन और ग्रीन ऑफिस संस्कृति की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। अब मंत्री कार्यालय में इनकमिंग से लेकर आउटगोइंग तक सभी फाइलें डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएंगी।
वन मंत्री ने बताया कि पहले विभागों से आने वाली फाइलें ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से अनुमोदन के लिए मंत्री कार्यालय तक पहुंच रही थीं, लेकिन अब मंत्री कार्यालय से जारी होने वाली फाइलें, आदेश और डाक प्रेषण भी पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किए जा रहे हैं। इससे कार्यालय का संपूर्ण पत्राचार कागजरहित और अधिक व्यवस्थित होगा।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल कामकाज को तेज और सरल बनाना नहीं है, बल्कि ईंधन की बचत, सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना भी है। फाइलों के भौतिक परिवहन में कमी आने से सरकारी वाहनों के उपयोग में कमी आएगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा।
केदार कश्यप के अनुसार, ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा, डिजिटल कार्यशैली और ऊर्जा दक्षता जैसे कदम शासन को अधिक परिणाममुखी और पारदर्शी बनाएंगे। यह पहल समय की बचत के साथ सरकारी कार्यप्रणाली में जवाबदेही और दक्षता बढ़ाने में सहायक होगी।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” मंत्र के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में काम कर रही है। वहीं विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और पर्यावरण अनुकूल बनाने के प्रयास लगातार कर रही है।
अंत में वन मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से ई-ऑफिस तथा मितव्ययिता संबंधी निर्देशों को सकारात्मक रूप से अपनाने की अपील करते हुए कहा कि संसाधनों की बचत और पर्यावरण संरक्षण केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के प्रति सामूहिक दायित्व भी है।


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