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छत्तीसगढ़ी लोकपर्वकी अमूल्य धरोहर है "छेर छेरा"

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रायपुर। छत्तीसगढ़ी संस्कृति परम्परा और पुरखा के धरोहर दान के महापर्व छेर छेरा छत्तीसगढ़ के किसान के किसानी के संपन्न होने के प्रतीक स्वरूप मनाए जाने वाला पर्व है। आज धान अन्न के दान को ​महत्वपपूर्ण माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शंकर ने मां अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी जिसमें अन्न प्राप्त हुआ और यह त्योहार पुण्य दान का महापर्व के रूप में मनाया जाने लगा।

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