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कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में भाकपा ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

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जगदलपुर :   भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों और अधिकारियों की लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। प...

जगदलपुर:   भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों और अधिकारियों की लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की 11 सूत्रीय मांगों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से इन्हें तत्काल पूरा करने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के कर्मचारियों और अधिकारियों से ‘मोदी गारंटी’ के तहत उनकी न्यायोचित मांगें शीघ्र पूरी करने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार बनने के बाद इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। इससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है।

भाकपा ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में केंद्र के कर्मचारियों की तरह राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता जीपीएफ खातों में समायोजित करना, सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय वेतनमान देना, वेतन विसंगतियां दूर करने के लिए पिगुओ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करना, अनुकंपा नियुक्ति में 10 प्रतिशत की सीमा में शिथिलीकरण तथा कैशलेस भुगतान सुविधा जैसी आधारभूत सुविधाएं शामिल हैं।

पार्टी ने आरोप लगाया कि लंबे समय से शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद सरकार की उदासीनता के कारण कर्मचारी संगठन काम बंद-कलम बंद आंदोलन करने को मजबूर हुए हैं। इससे आम जनता के शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास’ की बात करते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ शासन उनके ही बयानों और आश्वासनों की अनदेखी कर रहा है।

इस अवसर पर कामरेड त्रिसिया झाड़ी, मंगलराम कश्यप, रामूराम मौर्य, मदन आचार्य सहित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के अनेक साथी उपस्थित रहे।

भाकपा ने स्पष्ट किया कि पार्टी किसान-मजदूरों और श्रमजीवियों के संघर्ष में हमेशा आगे रही है और छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की मांगों के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़ी है। पार्टी ने मुख्यमंत्री से 11 सूत्रीय मांगों को तुरंत स्वीकार कर लागू करने की अपील की है, ताकि कर्मचारियों को उनका अधिकार मिले और आम जनता को हो रही असुविधा भी समाप्त हो सके।

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