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छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जानने समझने का सशक्त माध्यम बनी फोटो प्रदर्शनी

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रायपुर, 02 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, पारंपरिक नृत्य शैलियों और विविध लोक कलाओं को आम जनमानस तक पहुँचाने के उद्देश्य से क...

रायपुर, 02 जनवरी 2026:

छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, पारंपरिक नृत्य शैलियों और विविध लोक कलाओं को आम जनमानस तक पहुँचाने के उद्देश्य से क्लाउड एवं संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ के सहयोग से एक विशेष फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन विधायक श्री पुरंदर मिश्रा द्वारा किया गया।

उद्घाटन अवसर पर विधायक श्री मिश्रा ने कहा कि यह फोटो प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ की जनजातीय, ग्रामीण एवं लोक परंपराओं की जीवंत, कलात्मक और प्रामाणिक झलक प्रस्तुत करती है। प्रदर्शनी के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को सशक्त रूप से दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन कला प्रेमियों के साथ-साथ विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, संस्कृति अध्येताओं और आम नागरिकों के लिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जानने, समझने और अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

इस अवसर पर श्री दीपेंद्र दीवान ने जानकारी देते हुए बताया कि यह फोटो प्रदर्शनी 02 जनवरी से 04 जनवरी 2026 तक कला वीथिका, महंत घासीदास परिसर, घड़ी चौक, रायपुर में आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से सायं 7 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सांस्कृतिक आयोजन से जुड़ सकें।

उन्होंने बताया कि इस फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से न केवल दृश्य सौंदर्य प्रस्तुत किया जा रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोक जीवन, लोक संस्कृति की विविधता और परंपराओं के संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना, लोक कलाकारों एवं शिल्पकारों के योगदान को रेखांकित करना तथा लोक कला के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है।

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