जगदलपुर(विमलेंदु शेखर झा): ग्राम किलेपाल में आस्था, परंपरा और आदिवासी संस्कृति का भव्य संगम उस समय देखने को मिला, जब पूर्व विधायक राजमन ...
जगदलपुर(विमलेंदु शेखर झा): ग्राम किलेपाल में आस्था, परंपरा और आदिवासी संस्कृति का भव्य संगम उस समय देखने को मिला, जब पूर्व विधायक राजमन बेंजाम ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ परदेशीन माता देवगुड़ी का लोकार्पण किया। यह शुभ अवसर पूरे गांव के लिए श्रद्धा और उल्लास का प्रतीक बना।
लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राजमन बेंजाम ने क्षेत्रवासियों को बधाई दी और कहा कि देवगुड़ियाँ आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा और सामुदायिक एकता की जीवंत पहचान हैं। ऐसे धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहें।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, माताएँ-बहनें, युवा एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न इस आयोजन में श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
इस अवसर पर बेड़ता राम पोयम (जनपद सदस्य), लक्ष्मण कर्मा (सरपंच), जगबंधु ठाकुर, ब्रिजनारायण ठाकुर, मानकु मुचाकी, पुजारी भेसू मरकाम, मोटली वेट्टी, कुम्हार साडरा सरपंच शंकर पोयम, नीलेश मंडावी, बबली कर्मा, सोला कर्मा, राजेश मरकाम, आयतु कर्मा, दुलगो कुहरामी, मोंगडू कर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
पूरे आयोजन में पारंपरिक संस्कृति की झलक, सामूहिक सहभागिता और सामाजिक समरसता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।



No comments