सुकमा (विमलेंदु शेखर झा): जनसेवा और मानवता की मिसाल पेश करते हुए समाजसेवी जसराज जैन ‘रक्तमित्र’ ने सुकमा जिला अस्पताल में अपना 34वां स्वैच्...
सुकमा (विमलेंदु शेखर झा): जनसेवा और मानवता की मिसाल पेश करते हुए समाजसेवी जसराज जैन ‘रक्तमित्र’ ने सुकमा जिला अस्पताल में अपना 34वां स्वैच्छिक रक्तदान किया। इस प्रेरणादायक अवसर पर उन्होंने रक्तदान को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से वर्ष में चार बार नियमित रक्तदान करने का संकल्प भी लिया। जसराज जैन ने घोषणा की कि वे अब हर वर्ष 9 जनवरी, 9 अप्रैल, 9 जुलाई और 9 अक्टूबर को निश्चित रूप से रक्तदान करेंगे। उनका मानना है कि यदि लोग इसी तरह अपनी-अपनी स्थायी तिथियां तय कर लें, तो किसी भी जरूरतमंद मरीज को रक्त के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति को जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। उनका प्रयास है कि अधिक से अधिक स्वस्थ नागरिक इस अभियान से जुड़ें और इसे अपनी जिम्मेदारी समझकर नियमित रक्तदान करें। इस दिन को उनके लिए और भी खास बनाते हुए जसराज जैन ने बताया कि आज ही उनके बच्चे के 6 महीने पूरे हुए हैं, जिससे यह दिन उनके जीवन में पारिवारिक खुशी और मानव सेवा का अद्भुत संगम बन गया।
पिछले कई वर्षों से जसराज जैन रक्तदान, रक्तदाता नेटवर्क निर्माण, आपातकालीन रक्त सहायता और विभिन्न जनसेवा अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका यह 34वां रक्तदान समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरा है।
अंत में उन्होंने युवाओं और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे वर्ष में कम से कम 2 से 4 बार रक्तदान करने का संकल्प लें और इस पुनीत कार्य को एक जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएं।


No comments