डीजल सीमा निर्धारण को बताया “तुगलकी फरमान”, महंगाई बढ़ने की जताई आशंका जगदलपुर(विमलेंदु शेखर झा): बस्तर में परिवहन व्यवस्था और बढ़ती महंगाई...
डीजल सीमा निर्धारण को बताया “तुगलकी फरमान”, महंगाई बढ़ने की जताई आशंका
जगदलपुर(विमलेंदु शेखर झा): बस्तर में परिवहन व्यवस्था और बढ़ती महंगाई को लेकर पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ट्रकों के लिए डीजल की अधिकतम सीमा तय किए जाने संबंधी निर्णय को “तुगलकी फरमान” बताते हुए कहा कि इससे बस्तर जैसे दूरस्थ और परिवहन आधारित क्षेत्र की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
रेखचंद जैन ने कहा कि बस्तर का पूरा व्यापार और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति मुख्य रूप से परिवहन व्यवस्था पर निर्भर है। ऐसे में डीजल सीमा निर्धारण जैसे फैसलों से ट्रांसपोर्ट कारोबार पर गंभीर असर पड़ेगा और आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने की आशंका भी लोगों में गहराने लगी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017-18 में भाजपा सरकार के दौरान बस्तर परिवहन संघ के कार्यालय में ताला जड़ दिया गया था और पदाधिकारियों को प्रताड़ित किया गया। उन्होंने कहा कि उस समय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने कठिन दौर देखा था। बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयासों से वर्ष 2018-19 में कार्यालय का ताला खुला, जिससे कारोबारियों को राहत मिली।
पेट्रोल-डीजल कीमतों में वृद्धि से बढ़ी चिंता:
पूर्व विधायक ने कहा कि पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता पर अब पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर में परिवहन व्यवसाय धीरे-धीरे घाटे का सौदा बनता जा रहा है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
रेखचंद जैन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि केंद्र सरकार जनता को राहत देने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री विदेश यात्राओं में व्यस्त हैं, जबकि देश में महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर जनता परेशान है।
हर मोर्चे पर विफल रही केंद्र सरकार : जैन
पूर्व विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार हर मोर्चे पर असफल साबित हो रही है। उन्होंने नीट परीक्षा पेपर लीक, रुपये की गिरती कीमत और महंगाई जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता जवाब चाहती है कि आखिर केंद्र सरकार महंगाई रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं और “मोदी की गारंटी” केवल प्रचार तक सीमित रह गई है।


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