103 हितग्राहियों को मिला व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र, नक्सल प्रभावित परिवारों को सौंपे गए पीएम आवास बीजापुर: सुशासन तिहार के तहत बीजापुर जिले...
103 हितग्राहियों को मिला व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र, नक्सल प्रभावित परिवारों को सौंपे गए पीएम आवास
बीजापुर: सुशासन तिहार के तहत बीजापुर जिले के गंगालूर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। ग्राम पंचायत गंगालूर सहित डोडीतुमनार, गमपुर, पीड़िया, बुरजी, मेटापाल, पुसनार, गोंगला, कमकानार, पदमुर, चेरपाल, पालनार और तोड़का समेत आसपास के क्षेत्रों से हजारों ग्रामीण शिविर में पहुंचे और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लिया। ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी ने शासन-प्रशासन के प्रति बढ़ते भरोसे को भी दर्शाया।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर ही समस्याओं का निराकरण किया गया। जिला पंचायत सदस्य श्री मैथियस कुजूर ने भी शिविर में स्वास्थ्य जांच कराई और ग्रामीणों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
कलेक्टर श्री विश्वदीप ने शिविर का निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों से प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही शिविर स्थल पर ही लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाने के निर्देश भी दिए।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और आम जनता को सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सुशासन तिहार आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से सभी विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी लेने की अपील की।
उन्होंने बताया कि जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और जाति प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक हैं। इन्हें जनसमस्या निवारण शिविरों और “बस्तर मुन्ने” अभियान के माध्यम से घर-घर पहुंचकर तैयार किया जा रहा है।
कलेक्टर ने श्रम पंजीयन और श्रम कार्ड के लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, पीएम किसान, मातृत्व वंदना योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, तेंदूपत्ता संग्रहण और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जैसी योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। इसके लिए बैंक खाता अनिवार्य है और प्रशासन द्वारा शिविरों के माध्यम से खाते खुलवाने का कार्य भी किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने भी शिविर को संबोधित करते हुए ग्रामीणों से शासन की योजनाओं से जुड़ने और प्रशासन के साथ सहयोग बनाए रखने की अपील की।
विभिन्न योजनाओं के तहत सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित:
शिविर में 103 हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र वितरित किए गए। वहीं नक्सल प्रभावित दो परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए मकान की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई।
इसके अलावा 28 हितग्राहियों को श्रम कार्ड प्रदान किए गए। “बस्तर मुन्ने” अभियान के तहत बनाए गए राशन कार्डों का भी वितरण किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा डिजिटल किताब, जाति प्रमाण पत्र, मृदा परीक्षण कार्ड तथा मत्स्य विभाग की ओर से जाल और आईस बॉक्स सहित अन्य उपयोगी सामग्री वितरित कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्री मैथियस कुजूर, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।




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