जगदलपुर: देशभर में ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में बुधवार को जगदलपुर सहित बस्तर जिले में दवा विक्रेताओं ने बंद का समर्थन किया। इस द...
जगदलपुर: देशभर में ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में बुधवार को जगदलपुर सहित बस्तर जिले में दवा विक्रेताओं ने बंद का समर्थन किया। इस दौरान जिले के लगभग 300 से अधिक मेडिकल स्टोर्स बंद रहे और दवा व्यवसायियों ने ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
अखिल भारतीय दवा विक्रेता संघ के आह्वान पर आयोजित इस राष्ट्रव्यापी बंद में देशभर के करीब 15 लाख केमिस्टों ने हिस्सा लिया। इसी कड़ी में बस्तर जिला दवा विक्रेता संघ के पदाधिकारी जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी के कारण छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। साथ ही बिना उचित निगरानी और नियमों के ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री से लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ सकता है।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि उनका मुख्य विरोध ई-फार्मेसी व्यवस्था और उससे जुड़े प्रावधानों को लेकर है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुच्छेद 817 और 220 को वापस लेने तथा दवा विक्रेताओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
दवा विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो राष्ट्रीय स्तर पर और उग्र आंदोलन किया जाएगा।


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