सुकमा (विमलेंदु शेखर झा): सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से सुकमा पुलिस द्वारा ...
सुकमा (विमलेंदु शेखर झा):
सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से सुकमा पुलिस द्वारा शुरू किया गया "निवा दुवड़ ते" (आपके आंगन में) अभियान ग्रामीणों के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनता जा रहा है। इस पहल के तहत पुलिस अधिकारी और जवान गांव-गांव पहुंचकर चौपाल आयोजित कर रहे हैं, जहां स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनने के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।
रविवार को थाना केरलापाल क्षेत्र के कई दूरस्थ गांवों में अभियान के तहत जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। चौपाल में ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव पुलिस के समक्ष रखे। पुलिस टीम ने प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण का भरोसा दिलाते हुए आवश्यक मामलों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू की।
पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने बताया कि स्थानीय बोली में "निवा दुवड़ ते" का अर्थ "आपके आंगन में" होता है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता, सहयोग और सहभागिता को मजबूत करना है। स्थानीय भाषा और संस्कृति के माध्यम से लोगों से जुड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे हर नागरिक पुलिस व्यवस्था का सहभागी बन सके।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना पुलिस को देने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए भी जागरूक किया गया। साथ ही गांवों की मूलभूत समस्याओं का आकलन कर उन्हें प्रशासन के समक्ष रखने की पहल भी की गई।
सुकमा पुलिस का मानना है कि "जनता के द्वार–जनता के साथ" की अवधारणा पर आधारित यह अभियान केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सुशासन, जनकल्याण और सामाजिक विश्वास को गांव-गांव तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में भी इस अभियान का विस्तार किया जाएगा।



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