Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

आसना में पारंपरिक जतरा सेवा पूजा का भव्य आयोजन, संस्कृति संरक्षण में जुटी बादल टीम

यह भी पढ़ें -

जगदलपुर : बस्तर की समृद्ध आदिवासी परंपराओं को जीवंत रखते हुए ग्राम आसना में 11 अप्रैल 2026 को परदेसिन माता गुड़ी में पारंपरिक जतरा सेवा पूज...

जगदलपुर : बस्तर की समृद्ध आदिवासी परंपराओं को जीवंत रखते हुए ग्राम आसना में 11 अप्रैल 2026 को परदेसिन माता गुड़ी में पारंपरिक जतरा सेवा पूजा का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता निभाई और देवी-देवताओं की आराधना की।

कार्यक्रम के दौरान बस्तर एकेडमी ऑफ डांस आर्ट एंड लिटरेचर (बादल), आसना की टीम ने सांस्कृतिक संरक्षण के उद्देश्य से आयोजन का फोटो और वीडियो दस्तावेजीकरण किया। टीम ने इस पारंपरिक अनुष्ठान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी संकलित कीं। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के वादक मोहरिया खैरू, जो ग्राम माड़पाल से पहुंचे थे, ने बताया कि वे वर्षों से ऐसे आयोजनों में वादन कर रहे हैं। उनके साथ नगाड़ा और तुड़बुड़ी वादक ग्राम उपनपाल से शामिल हुए। उन्होंने बताया कि देवी की सवारी निकलने के बाद अलग-अलग वाद्य धुनें बजाई जाती हैं, जिन पर देवी की सवारी करने वाले श्रद्धालु विशेष नृत्य करते हैं।


जतरा सेवा पूजा में देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए पारंपरिक बलि पूजा का भी विशेष महत्व है। इस दौरान दुवार मुण्डेया देवता, परदेसिन माता सहित अन्य देवी-देवताओं के लिए अलग-अलग धुनों का वादन किया गया, जो आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। बादल संस्था द्वारा किए गए इस संरक्षण कार्य को संस्था के प्रशासक आशुतोष ठाकुर के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। आयोजन में ग्राम आसना के सिरहा, पुजारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल बना रहा।

No comments