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बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए कांग्रेस की आवाज बुलंद, पीएम को सौंपा 35 सूत्रीय ज्ञापन

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जगदलपुर (विमलेंदु शेखर झा): बस्तर अंचल के समग्र विकास को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर दबाव बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम 35...

जगदलपुर (विमलेंदु शेखर झा):

बस्तर अंचल के समग्र विकास को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर दबाव बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम 35 सूत्रीय विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। शनिवार को जगदलपुर स्थित बिनाका हेरिटेज होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता लखेश्वर बघेल ने यह जानकारी दी।

बघेल ने कहा कि बस्तर अब काफी हद तक नक्सल हिंसा से उबर चुका है, ऐसे में अब क्षेत्र के विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और आदिवासी समाज के सशक्तिकरण पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर होने के बावजूद बस्तर आज भी “अमीर क्षेत्र के गरीब लोग” जैसी स्थिति से जूझ रहा है

ज्ञापन में शिक्षा व्यवस्था की खस्ताहाल स्थिति को प्रमुख मुद्दा बताया गया है। बंद पड़े स्कूलों को पुनः शुरू करने, पोटाकेबिन स्कूलों की जगह स्थायी भवन बनाने, शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने और छात्राओं के लिए शौचालय निर्माण की मांग की गई है। इसके साथ ही आदिवासी छात्रावासों और आश्रम शालाओं की स्थिति सुधारने पर भी जोर दिया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बघेल ने कहा कि बस्तर के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी है, जिसके कारण गरीब आदिवासी मरीजों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में तत्काल भर्ती की मांग उठाई।

कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए सिंचाई परियोजनाओं, नए बांध, स्टॉपडैम और बैराज के निर्माण के साथ ही व्यक्तिगत बोर के लिए सब्सिडी योजना बहाल करने की मांग रखी गई। बघेल ने कहा कि बस्तर का किसान आज भी बारिश पर निर्भर है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर बनी हुई है। ज्ञापन में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, रेलवे और पर्यटन विकास को भी प्रमुखता दी गई है। विशेष रूप से रावघाट-जगदलपुर रेललाइन परियोजना को शीघ्र शुरू करने और जल जीवन मिशन की विफलताओं की जांच की मांग की गई।

पर्यटन के क्षेत्र में चित्रकोट जलप्रपात और तीरथगढ़ जलप्रपात जैसे प्रमुख स्थलों के विकास पर जोर दिया गया। साथ ही इंद्रावती नदी के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी शामिल है। रोजगार के मुद्दे पर बघेल ने कहा कि क्षेत्र में खनिज और वनोपज की प्रचुरता के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। आउटसोर्सिंग के जरिए बाहरी लोगों की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग की।

इस दौरान दीपक बैज, विक्रम मंडावी, मोहन मरकाम, रेखचंद जैन, चंदन कश्यप और राजमन बेंजाम सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि बस्तर अब शांति और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। ऐसे में केंद्र सरकार को क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए विशेष विकास पैकेज और त्वरित निर्णय लेने चाहिए।

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