जगदलपुर: बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) ने समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के कस्टम मिलिंग और परिवहन में कथित अनियमितताओं को लेकर जिला प्रश...
जगदलपुर: बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) ने समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के कस्टम मिलिंग और परिवहन में कथित अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों से समर्थन मूल्य पर मोटा और पतला धान खरीदा गया, लेकिन कस्टम मिलिंग नीति स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल नहीं रही। इसके चलते स्थानीय राइस मिलर्स ने धान की मिलिंग नहीं की, जिससे उपार्जन केंद्रों में पिछले छह माह से धान का भारी स्टॉक पड़ा हुआ है। उचित रखरखाव के अभाव में धान में सूखत (नुकसान) हो रहा है, जिससे सहकारी समितियों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य विपणन संघ के माध्यम से अन्य जिलों के मिलर्स को धान उठाव के लिए जारी डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) का दुरुपयोग किया जा रहा है। बाहरी मिलर्स निर्धारित मात्रा में धान नहीं उठा रहे, बल्कि डीओ को स्थानीय मिलर्स को बेचकर परिवहन मद में अनुचित लाभ कमा रहे हैं। साथ ही जीपीएस प्रणाली का भी दुरुपयोग कर धान को निर्धारित मिल तक पहुंचाने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही खपाया जा रहा है।
इसके अलावा परिवहन के दौरान ओवरलोडिंग, एक डीओ में निर्धारित मात्रा से अधिक धान भरने और फर्जी निकासी जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे मामले में कुछ अधिकारियों और संग्रहण केंद्र प्रभारियों की भूमिका संदिग्ध है।




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