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रामायण के अर्थ पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश का विशेष उद्बोधन, शिवरीनारायण में गूंजी राम कथा

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शिवरीनारायण:    धर्म एवं आध्यात्म की पावन नगरी शिवरीनारायण में आयोजित रविवारीय राम कथा में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस...

शिवरीनारायण:   धर्म एवं आध्यात्म की पावन नगरी शिवरीनारायण में आयोजित रविवारीय राम कथा में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर रायपुर से पधारे पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीपी शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम का आयोजन शिवरीनारायण मठ में किया गया, जहां महामंडलेश्वर राजेश्री महंत रामसुंदर दास जी महाराज, ट्रस्ट कमेटी एवं रामायण आयोजन समिति द्वारा अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया।

इस दौरान पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीपी शर्मा ने रामायण के गूढ़ अर्थ को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि “रामायण” दो शब्दों राम और आयन से मिलकर बना है। उन्होंने “आयन” शब्द की व्याख्या करते हुए बताया कि भौतिक विज्ञान में आयन का अर्थ विद्युत आवेशित परमाणुओं के समूह से होता है, जबकि “राम” सम्पूर्ण विश्व का प्रतीक हैं। इस प्रकार रामायण का शाब्दिक अर्थ वह ग्रंथ है, जिसके अध्ययन और श्रवण से व्यक्ति राममय हो जाए।

महामंडलेश्वर राजेश्री महंत रामसुंदर दास जी महाराज ने राम नाम की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान राम के नाम में अपार शक्ति है। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि का उदाहरण देते हुए कहा कि उल्टा नाम जपते-जपते वे ब्रह्म के समान हो गए

कार्यक्रम में लोक कलाकार राकेश शर्मा ने भी अपने विशिष्ट अंदाज में उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। इस दौरान जांजगीर-चांपा जिले के पूर्व कलेक्टर बृजेश मिश्रा, अनिल शर्मा, संस्कृति विशेषज्ञ अशोक तिवारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, मानस मर्मज्ञ एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का संचालन रंगनाथ यादव ने किया। आयोजन के उपरांत पूर्व मुख्य न्यायाधीश एवं उनके सहयोगियों ने भगवान जगन्नाथ जी का प्रसाद ग्रहण किया तथा श्रद्धालुओं को स्वयं भोजन परोसकर सेवा भाव का परिचय दिया। साथ ही उन्होंने भगवान शिवरीनारायण का विधिवत दर्शन-पूजन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।


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