जगदलपुर(विमलेंदु शेखर झा): बस्तर जिले में विवादित वनभूमि को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच नया विवाद उभरता दिखाई दे रहा है। पूर्व युवा कांग्...
जगदलपुर(विमलेंदु शेखर झा):
बस्तर जिले में विवादित वनभूमि को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच नया विवाद उभरता दिखाई दे रहा है। पूर्व युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष एवं आदिवासी नेता हेमंत कश्यप के नेतृत्व में प्रभावित किसानों ने कलेक्टर बस्तर और वन मंडल अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित पौधारोपण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि वे 09 जुलाई 1971 से पूर्व से उक्त भूमि पर खेती करते आ रहे हैं। भूमि से जुड़े विभिन्न प्रकरण वर्षों से लंबित हैं और कई मामलों का अंतिम निराकरण अभी तक नहीं हुआ है। ऐसे में विवादित भूमि पर पौधारोपण शुरू करना किसानों के वैधानिक अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।
हेमंत कश्यप ने कहा कि वन अधिकार मान्यता अधिनियम 2006 के तहत अनेक किसानों को वन अधिकार पट्टे मिल चुके हैं, जबकि कई पात्र परिवारों के दावे अभी भी लंबित हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि लंबित दावों और मामलों का अंतिम निर्णय होने तक यथास्थिति बनाए रखी जाए।
उन्होंने कहा कि आदिवासी एवं वनाश्रित परिवार पीढ़ियों से इस भूमि पर आश्रित हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में बिना अंतिम निर्णय के पौधारोपण कार्य कराना न्यायसंगत नहीं होगा।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से विवादित भूमि पर प्रस्तावित पौधारोपण रोकने तथा लंबित वन अधिकार दावों का शीघ्र और निष्पक्ष निराकरण करने की मांग की गई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।






No comments