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बिना आदेश बस किराया वृद्धि पर कांग्रेस का हमला, रायपुर-जगदलपुर रूट में 200 रुपये बढ़ोतरी का आरोप

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जगदलपुर:    रायपुर-जगदलपुर मार्ग सहित प्रदेशभर में बस किराए में कथित मनमानी बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने साय सरकार और परिवहन विभाग पर निशाना ...

जगदलपुर:   रायपुर-जगदलपुर मार्ग सहित प्रदेशभर में बस किराए में कथित मनमानी बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने साय सरकार और परिवहन विभाग पर निशाना साधा है। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के व्यापारी प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष राजेंद्र पटवा ने आरोप लगाया है कि बिना किसी आधिकारिक आदेश के बस संचालकों द्वारा अतिरिक्त किराया वसूला जा रहा है, जिससे आम जनता और व्यापारी वर्ग आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं।

राजेंद्र पटवा ने जारी बयान में कहा कि यदि परिवहन विभाग द्वारा किराया बढ़ाने संबंधी कोई बैठक नहीं हुई है और न ही नया किराया-पत्रक जारी किया गया है, तो बस संचालकों को किराया बढ़ाने की अनुमति किस आधार पर मिली। उन्होंने कहा कि सरकार और परिवहन विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

पटवा के अनुसार, रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर बस किराए में करीब 200 रुपये तक की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी और आम यात्री सफर करते हैं। ऐसे में अचानक बढ़े किराए से लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह वृद्धि और अधिक परेशानी का कारण बन रही है।

कांग्रेस नेता ने परिवहन मंत्री केदार कश्यप से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि यदि किराया वृद्धि का कोई वैधानिक आदेश जारी नहीं हुआ है तो अतिरिक्त राशि वसूलने वाले बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें:  

बढ़ाए गए बस किराए पर तत्काल रोक लगाई जाए।

पूर्व निर्धारित किराया दरों पर टिकट जारी किए जाएं।

बिना अनुमति अतिरिक्त किराया वसूलने वाले बस संचालकों पर कानूनी कार्रवाई हो।

नियमों का उल्लंघन करने वालों के परमिट रद्द किए जाएं।

प्रमुख बस स्टैंडों पर परिवहन विभाग के विशेष जांच दल तैनात किए जाएं।

राजेंद्र पटवा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में जल्द हस्तक्षेप नहीं किया तो कांग्रेस आम जनता और व्यापारियों के हित में आंदोलन करने को मजबूर होगी। हालांकि, किराया वृद्धि और उसके वैधानिक स्वरूप को लेकर परिवहन विभाग अथवा बस संचालक संघ की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

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