जगदलपुर: इंदिरा वार्ड क्रमांक 16 के उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नगर निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष ...
जगदलपुर: इंदिरा वार्ड क्रमांक 16 के उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नगर निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने महापौर के एक कथित बयान को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की हार से महापौर बौखला गए हैं और उनकी टिप्पणियां शहर की सामाजिक सौहार्द्रता को प्रभावित करने वाली हैं।
राजेश चौधरी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इंदिरा वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी ने भाजपा प्रत्याशी को 436 मतों से पराजित किया। उन्होंने दावा किया कि यह जीत स्वर्गीय पूर्व पार्षद अब्दुल रशीद के विकास कार्यों और कांग्रेस के प्रति जनता के विश्वास का परिणाम है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि महापौर ने किसी वार्ड की जनता को “पाकिस्तानी” कहकर संबोधित किया है तो उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि उनका इशारा किस वार्ड और किन नागरिकों की ओर था। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए कहा कि चुनावी हार की निराशा में इस तरह के बयान देना न केवल अनुचित है बल्कि शहर के सौहार्दपूर्ण वातावरण को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उपचुनाव में बाहरी उम्मीदवार को मैदान में उतारा, जबकि कांग्रेस ने ऐसे प्रत्याशी को मौका दिया जो लंबे समय से वार्डवासियों के बीच सक्रिय रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम जनता का स्पष्ट संदेश है और भाजपा नेतृत्व को इसे स्वीकार करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में भाजपा सरकार और नगर निगम में भाजपा नेतृत्व को पर्याप्त समय मिल चुका है, लेकिन जनता को अपेक्षित विकास कार्य दिखाई नहीं दिए। इसी कारण मतदाताओं ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर भाजपा को आईना दिखाने का काम किया।
कांग्रेस नेता ने महापौर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि चुनावी राजनीति में हिंदू-मुस्लिम या हिंदुस्तानी-पाकिस्तानी जैसे मुद्दों को लाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान सामाजिक विभाजन को बढ़ावा दे सकते हैं और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
कांग्रेस पार्षद दल ने भी महापौर के कथित बयान की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता के फैसले का सम्मान होना चाहिए और राजनीतिक मतभेदों को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।


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