रायपुर: छत्तीसगढ़ की पांच नगर पंचायतों में हुए अध्यक्ष पद के चुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं। चुनावी मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी (भाज...
रायपुर: छत्तीसगढ़ की पांच नगर पंचायतों में हुए अध्यक्ष पद के चुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं। चुनावी मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीन नगर पंचायतों में जीत हासिल कर बढ़त बनाई है, जबकि कांग्रेस ने दो नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया है। परिणामों ने प्रदेश की स्थानीय राजनीति में दोनों प्रमुख दलों की मजबूत उपस्थिति को एक बार फिर उजागर किया है।
सूरजपुर जिले की शिवनंदनपुर नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी रितेश जायसवाल ने अध्यक्ष पद पर विजय प्राप्त की। वहीं कबीरधाम जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में भाजपा की सरिता मिश्रा ने 754 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। यह सीट पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष संतोष मिश्रा के निधन के बाद रिक्त हुई थी। भाजपा ने उनकी पत्नी सरिता मिश्रा को उम्मीदवार बनाया और सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने में सफल रही। सहसपुर लोहारा क्षेत्र प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा के विधानसभा क्षेत्र में आता है।
इसी प्रकार जांजगीर-चांपा जिले की बम्हनीडीह नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी रमेश डहरसेना ने लगभग 900 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर पार्टी को तीसरी सफलता दिलाई।
दूसरी ओर कांग्रेस ने राजनांदगांव जिले की दो नगर पंचायतों में शानदार प्रदर्शन किया। घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस की फूलमती वर्मा ने भाजपा की करुणा वर्मा को 87 मतों से पराजित कर अध्यक्ष पद पर कब्जा किया। वहीं पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी यानेश साहू ने लगभग 400 मतों के अंतर से जीत हासिल कर पार्टी का खाता मजबूत किया।
शिवनंदनपुर नगर पंचायत का चुनाव इस बार विशेष रूप से चर्चा में रहा। यहां कांग्रेस पदाधिकारी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष पद की सीट जीतने में सफल नहीं हो सकी। हालांकि नगर पंचायत में कांग्रेस समर्थित पार्षदों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक बताई जा रही है।
इन परिणामों के साथ पांच नगर पंचायतों में भाजपा ने तीन और कांग्रेस ने दो अध्यक्ष पद जीतकर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय निकायों के ये नतीजे आगामी चुनावी रणनीतियों और प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों पर प्रभाव डाल सकते हैं।


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