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कांग्रेस सरकार बनी तो बोधघाट प्रोजेक्ट का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा: दीपक बैज

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हितामेटा में बोधघाट परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों से मिले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, विस्थापन और जमीन-जंगल से जुड़े मुद्दों पर जताई चिंता दंत...

हितामेटा में बोधघाट परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों से मिले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, विस्थापन और जमीन-जंगल से जुड़े मुद्दों पर जताई चिंता

दंतेवाड़ा (विमलेंदु शेखर झा) : बोधघाट बहुउद्देश्यीय परियोजना को लेकर दक्षिण बस्तर में सियासी हलचल तेज हो गई है। परियोजना के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज दंतेवाड़ा जिले के हितामेटा गांव पहुंचे। उन्होंने परियोजना से प्रभावित होने वाले गांवों के प्रमुख लोगों और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी चिंताओं को सुना।

ग्रामीणों ने बैठक के दौरान संभावित विस्थापन, जमीन, खेती और जंगल पर परियोजना के प्रभाव को लेकर अपनी आशंकाएं सामने रखीं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी भी विकास परियोजना में स्थानीय लोगों के हित और उनकी सहमति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सभा को संबोधित करते हुए दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार जल, जंगल और जमीन छीनने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि जिस दिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी, बोधघाट परियोजना का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा।

बैज ने कहा कि बस्तर में बड़े उद्योगपतियों की एंट्री हो रही है। यदि विकास के नाम पर इसी तरह जंगल और पहाड़ों को खत्म किया गया तो आने वाले समय में बस्तर की पहचान बदल सकती है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है और उनके हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बारसूर लाकर उन्हें दिखाएंगे कि बोधघाट परियोजना का किसानों और ग्रामीणों पर किस तरह का असर पड़ सकता है।

बताया गया कि बोधघाट परियोजना को लेकर प्रभावित गांवों में पिछले कुछ समय से लगातार बैठकें हो रही हैं। दिल्ली की एक कंपनी द्वारा परियोजना के लिए सर्वे किए जाने के बाद ग्रामीणों के बीच चर्चा और तेज हुई है। प्रभावित ग्रामीणों की अब तक दो बैठकें हो चुकी हैं। गुरुवार को हितामेटा में कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में एक बार फिर प्रभावित गांवों के प्रमुख लोगों की बैठक हुई।

इस दौरान पूर्व विधायक रेखचंद जैन, पूर्व विधायक चंदन कश्यप, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष शकील रिजवी सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

सरकार सिंचाई और विकास को बता रही परियोजना का आधार

बोधघाट सिंचाई परियोजना को सरकार ने दोबारा शुरू करने की घोषणा की है। सरकार का दावा है कि परियोजना से बस्तर में सिंचाई और ऊर्जा उत्पादन के साथ पर्यटन एवं कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा मिलेगी। प्रस्तावित परियोजना के तहत बड़े स्तर पर नहर नेटवर्क, जलाशय और पंप हाउस बनाए जाने की योजना बताई गई है।

सरकार के दावे के मुताबिक परियोजना से करीब 3 लाख 78 हजार 475 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और तीन जिलों के 269 गांवों को इसका लाभ मिलेगा। खरीफ और रबी दोनों सीजन में किसानों को पानी उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। परियोजना के जरिए गोदावरी और इंद्रावती नदी के जल संसाधनों के उपयोग की योजना भी बताई गई है।

जहां सरकार बोधघाट परियोजना को बस्तर के विकास और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण बता रही है, वहीं कांग्रेस और प्रभावित ग्रामीण इसके संभावित सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर विरोध जता रहे हैं।

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