संतोष सेठिया ने सांसद महेश कश्यप और विधायक किरण देव से पूछे सवाल, MOU राशि और किसानों के लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया नागरनार। नागरनार स्ट...
संतोष सेठिया ने सांसद महेश कश्यप और विधायक किरण देव से पूछे सवाल, MOU राशि और किसानों के लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया
नागरनार। नागरनार स्टील प्लांट द्वारा जगदलपुर के ऐतिहासिक दलपत सागर की साफ-सफाई एवं कायाकल्प के लिए CSR मद से ₹50 लाख दिए जाने को नागरनार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संतोष सेठिया ने स्वागतयोग्य कदम बताया है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया है कि जब NMDC दलपत सागर के लिए CSR राशि उपलब्ध करा सकती है, तो नागरनार और आसपास के प्रभावित गांवों के विकास के लिए पर्याप्त CSR राशि क्यों नहीं दी जा रही है।
संतोष सेठिया ने कहा कि नागरनार और आसपास के ग्रामीण लंबे समय से प्लांट से जुड़ी धूल, धुएं, प्रदूषण और भारी वाहनों की आवाजाही जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार, प्रभावित ग्रामीण विकास की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
MOU के तहत मिलने वाली राशि बंद होने पर सवाल
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रभावित ग्राम पंचायतों के साथ हुए MOU का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में MOU के तहत प्रभावित ग्राम पंचायतों को विकास के लिए ₹20 लाख की राशि प्रदान की जा रही थी, लेकिन वर्तमान में यह राशि बंद है।
उन्होंने सवाल किया कि यदि प्रभावित ग्राम पंचायतों के विकास के लिए राशि देने की व्यवस्था MOU में थी, तो उसका भुगतान क्यों रोका गया और इसे दोबारा शुरू करने के लिए अब तक क्या प्रयास किए गए हैं।
मेले-मड़ई की सहायता बंद होने का भी आरोप
सेठिया ने बस्तर के पारंपरिक मेले-मड़ई आयोजनों के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद होने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि मेले-मड़ई बस्तर की संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों को आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए, ताकि स्थानीय परंपराओं और संस्कृति को संरक्षण मिल सके।
खेतों में काला पानी आने की शिकायत, मुआवजे पर सवाल
नागरनार क्षेत्र में किसानों की समस्याओं को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। संतोष सेठिया ने कहा कि कुछ किसानों द्वारा खेतों में काला पानी आने की शिकायतें की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि इस समस्या से प्रभावित किसानों के मुआवजे का मामला भी लंबित है।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि खेतों में काला पानी आने की शिकायतों की जांच कराई जाए तथा प्रभावित किसानों के लंबित मुआवजे का शीघ्र भुगतान किया जाए। साथ ही फसल और जमीन को होने वाले संभावित नुकसान की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
सांसद और विधायक से पूछे छह सवाल
संतोष सेठिया ने सांसद महेश कश्यप और विधायक किरण देव से नागरनार के प्रभावित ग्रामीणों से जुड़े छह सवालों का जवाब मांगा। इनमें प्रभावित गांवों के लिए पर्याप्त CSR राशि दिलाने की पहल, MOU के तहत ग्राम पंचायतों को मिलने वाली राशि बंद होने का कारण, किसानों के लंबित मुआवजे तथा प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई पहल शामिल है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि केंद्र और छत्तीसगढ़ दोनों जगह भाजपा की सरकार होने तथा NMDC के केंद्र सरकार के अधीन सार्वजनिक उपक्रम होने के बावजूद नागरनार के प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं हो पा रहा है।
CSR राशि के उपयोग पर भी मांगा जवाब
कांग्रेस नेता ने CSR राशि के उपयोग को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि CSR की राशि का उपयोग सरकारी आयोजनों, प्रचारात्मक गतिविधियों और VIP व्यवस्थाओं में किए जाने की बातें सामने आती रही हैं। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि CSR राशि का उद्देश्य सामाजिक विकास है, तो नागरनार के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों के लिए पर्याप्त राशि क्यों नहीं उपलब्ध कराई जा रही है।
सेठिया ने कहा कि CSR की प्राथमिकता प्रभावित जनता और क्षेत्र का विकास होना चाहिए, न कि किसी सरकार या राजनीतिक दल का प्रचार।
‘डबल इंजन’ सरकार पर साधा निशाना
संतोष सेठिया ने केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने का हवाला देते हुए इसे ‘डबल इंजन’ सरकार बताया और सवाल किया कि इसके बावजूद नागरनार के ग्रामीणों को अपने हक, मुआवजे, बुनियादी सुविधाओं और विकास राशि के लिए क्यों संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस उद्योग और विकास के विरोध में नहीं है। उनका कहना है कि जिस क्षेत्र में इतना बड़ा सरकारी उद्योग स्थापित हुआ है, वहां रहने वाली जनता को भी विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल और पर्यावरण सुरक्षा का उचित अधिकार मिलना चाहिए।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
संतोष सेठिया ने सरकार, NMDC प्रबंधन, सांसद महेश कश्यप और विधायक किरण देव से नागरनार एवं आसपास के प्रभावित गांवों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल ठोस पहल करने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रभावित गांवों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो नागरनार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ढोल-नगाड़ों के साथ जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल CSR राशि की नहीं, बल्कि नागरनार की जनता के अधिकार, किसानों के मुआवजे, प्रभावित ग्राम पंचायतों के हक और बस्तर के सम्मान से जुड़ी है।


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