कोलकाता, 21 फरवरी 2026: वर्ष 1900 में स्थापित कोलकाता की ऐतिहासिक बड़ा बाजार लाइब्रेरी में राष्ट्रीय शब्दाक्षर द्वारा भव्य कवि सम्मेलन ए...
कोलकाता, 21 फरवरी 2026: वर्ष 1900 में स्थापित कोलकाता की ऐतिहासिक बड़ा बाजार लाइब्रेरी में राष्ट्रीय शब्दाक्षर द्वारा भव्य कवि सम्मेलन एवं पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। साहित्यिक गरिमा और सांस्कृतिक सौहार्द से परिपूर्ण इस कार्यक्रम में हिन्दी, उर्दू और बांग्ला भाषा के कवियों ने एक साथ मंच साझा कर बहुभाषी साहित्यिक एकता का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय शब्दाक्षर के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर रवि प्रताप सिंह के साथ कुमार जगदली सहित क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित कवि एवं कवयित्रियाँ उपस्थित रहे। समारोह के मुख्य अतिथि दैनिक छपते छपते के संपादक एवं पश्चिम बंगाल के एकमात्र हिन्दी न्यूज चैनल के संस्थापक विश्वभर नेवर जी थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज की आत्मा है और ऐसे आयोजन भाषाई समन्वय को नई दिशा देते हैं।
इस गरिमामय मंच पर कुल 42 कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। प्रेम, सामाजिक चेतना, राष्ट्रभावना और मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत कविताओं ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बांग्ला भाषा की कवयित्री दिशा चट्टोपाध्याय के कविता संग्रह ‘फ्रेम’ का विमोचन रहा। पुस्तक का लोकार्पण मंचासीन अतिथियों के करकमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुधा मिश्रा द्विवेदी, महामंत्री सुरेन्द्र सिंह, संयोजक अलोक चौधरी तथा स्वयं कवयित्री दिशा चट्टोपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
साहित्यप्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति और तालियों की गूंज के बीच सम्पन्न यह आयोजन कोलकाता की साहित्यिक परंपरा में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। राष्ट्रीय शब्दाक्षर के इस सफल आयोजन ने यह सिद्ध किया कि भाषा कोई सीमा नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का माध्यम है।



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