जगदलपुर (विमलेंदु शेखर झा): बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड के सुदूरवर्ती पॉवेल गांव में गुरुवार को जिला प्रशासन ने चौपाल लगाकर ग्रामीणो...
जगदलपुर (विमलेंदु शेखर झा): बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड के सुदूरवर्ती पॉवेल गांव में गुरुवार को जिला प्रशासन ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और विकास कार्यों को तेज करने का भरोसा दिलाया। कलेक्टर आकाश छिकारा ने पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा एवं अन्य अधिकारियों के साथ ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में स्थित पॉवेल गांव तक प्रशासनिक टीम दंतेवाड़ा जिले के बारसूर मार्ग से पहुंची। गांव में पहुंचने पर ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक ढंग से अतिथियों का स्वागत किया, जिससे पूरे कार्यक्रम में आत्मीयता का माहौल बना रहा।
चौपाल के दौरान कलेक्टर आकाश छिकारा ने स्पष्ट किया कि नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान, बस्तर मुन्ने और नियद नेल्लानार योजना 2.0 जैसी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। साथ ही राशन, आधार कार्ड, सामाजिक पेंशन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, शौचालय और प्रधानमंत्री आवास योजना की जमीनी स्थिति की भी समीक्षा की।
ग्रामीणों ने पेयजल समस्या को प्रमुखता से उठाया, जिस पर कलेक्टर ने खराब बोरवेल को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले तीन माह के राशन की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने और गांव में शासकीय राशन दुकान भवन निर्माण को स्वीकृति देने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने ग्रामीणों, विशेषकर युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब प्रशासन की पहुंच दूरस्थ क्षेत्रों तक बढ़ रही है, जिसका लाभ शिक्षा और रोजगार के अवसरों के रूप में मिलना चाहिए। उन्होंने युवाओं से पुलिस भर्ती प्रशिक्षण का लाभ उठाने और किसी भी समस्या पर नजदीकी थाने से संपर्क करने की अपील की।
चौपाल के दौरान प्रशासन द्वारा 56 नए राशन कार्ड, आधार कार्ड और वन अधिकार मान्यता पत्रों का वितरण किया गया। साथ ही बच्चों को चॉकलेट, बिस्किट, टिफिन बॉक्स और पानी की बोतलें देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन सहित अन्य अधिकारी—विपिन दुबे, नीतीश वर्मा, कैलाश पोयाम और धनेश्वर पांडेय भी मौजूद रहे।
ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ प्रशासन का यह प्रयास नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास की नई उम्मीद जगाता नजर आ रहा है।




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