NSTFDC जनजातीय उद्यमिता का बना सशक्त माध्यम, 4,000 करोड़ से अधिक ऋण वितरण रायपुर: केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने कहा है कि द...
NSTFDC जनजातीय उद्यमिता का बना सशक्त माध्यम, 4,000 करोड़ से अधिक ऋण वितरण
रायपुर:
केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने कहा है कि देश के जनजातीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें रोजगार चाहने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) को जनजातीय उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक बताया।
नई दिल्ली में 10 अप्रैल 2026 को आयोजित NSTFDC के 25वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री ओराम ने कहा कि निगम का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों को स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के लिए सक्षम बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ से चयनित लाभार्थियों बेमेतरा जिले के किशन ध्रुव (किराना व्यवसाय) और धनराज ठाकुर (फोटो स्टूडियो व्यवसाय) को उनके सफल उद्यम के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के कार्यपालन अधिकारी प्रवीण कुमार लाटा की उपस्थिति भी रही। केंद्रीय मंत्री ने सभी लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनके प्रयासों की सराहना की।
श्री ओराम ने NSTFDC की जन-केंद्रित योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि निगम बिना किसी गारंटी के ऋण उपलब्ध कराता है, जिससे अधिक से अधिक जनजातीय हितग्राही लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि अब तक निगम द्वारा 16 लाख से अधिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 4,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा, संयुक्त सचिव अनंत प्रकाश पांडे, NSTFDC के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक टी. रौमुआन पाइते, मध्य क्षेत्र के प्रमुख विकास रंजन सहित देशभर की राज्य स्तरीय एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
NSTFDC की योजनाएं जनजातीय समाज में आर्थिक आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को नई दिशा दे रही हैं, जिससे देश के विकास में उनकी भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।



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