जगदलपुर/दंतेवाड़ा (विमलेंदु शेखर झा): महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने बस्तर के बच्चों से किया अपना वादा आखिरकार निभा दिया। करीब तीन साल बाद व...
जगदलपुर/दंतेवाड़ा (विमलेंदु शेखर झा):महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने बस्तर के बच्चों से किया अपना वादा आखिरकार निभा दिया। करीब तीन साल बाद वे एक बार फिर क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे और दंतेवाड़ा के छिंदनार गांव में बच्चों के साथ समय बिताया।
सचिन तेंदुलकर अपने परिवार के साथ यहां पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उन्होंने बच्चों से मुलाकात कर उनके खेल के प्रति जुनून और मेहनत की सराहना की। इस दौरान उन्होंने अपने पुराने वादे को याद करते हुए कहा तुम मैदान सहेजो, मैं खेलने आऊंगा और आज उन्होंने इसे पूरा कर दिखाया।
दौरे के दौरान सचिन ने बच्चों के साथ मैदान में समय बिताया और खेल गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि बस्तर के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही दिशा और अवसर की है।
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में करीब 50 खेल मैदानों का विकास किया गया है। इन मैदानों के जरिए बच्चों को क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। सचिन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि खेल युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है।
अपने संबोधन में उन्होंने बच्चों को मेहनत, अनुशासन और खेल भावना का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में सचिन तेंदुलकर का यह दौरा एक सकारात्मक संदेश और नई उम्मीद लेकर आया है। स्थानीय लोगों और बच्चों में उनके आगमन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। यह पहल न केवल खेलों को बढ़ावा दे रही है, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक बदलाव की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।



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