दरभा (बस्तर)(विमलेंदु शेखर झा): शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी उत्कृष्ट पहल के लिए बस्तर जिले के दरभा विकासखंड अं...
दरभा (बस्तर)(विमलेंदु शेखर झा):
शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी उत्कृष्ट पहल के लिए बस्तर जिले के दरभा विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छिंदबहार के व्याख्याता प्रमोद कुमार मरावी को सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान नई दिल्ली की सावित्रीबाई फुले नेशनल वूमेन टीचर्स फेडरेशन द्वारा रायपुर के वृंदावन हॉल में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।
प्रमोद मरावी वर्तमान में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कार्यक्रम अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं और उनके नेतृत्व में अनेक जनहितकारी एवं नवाचारी अभियान सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। जल संरक्षण के क्षेत्र में उन्होंने 2000 से अधिक सोखता गड्ढों (मिनी वाटर शेड) का निर्माण करवाकर भूजल स्तर बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत 3500 से अधिक पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया। वहीं प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत “एक बोतल प्लास्टिक के बदले एक पेन” योजना चलाई गई, जिसमें एकत्रित प्लास्टिक से तकनीकी ट्री गार्ड बनाकर पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
हर रविवार NSS के माध्यम से स्वच्छता, नशामुक्ति, बालिका शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करते हुए वे हर वर्ष गांधी जयंती पर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित करते हैं, जिससे विद्यार्थियों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति रुचि बढ़ी है। उनके मार्गदर्शन में कई छात्र शासकीय सेवाओं में चयनित हो चुके हैं।
हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उन्होंने “गोटूल होम लाइब्रेरी” की शुरुआत की, जहां से छात्रों को NEET, PAT, B.Sc. Nursing, D.El.Ed और अग्निवीर जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
खेल के क्षेत्र में भी उनके मार्गदर्शन से 5 छात्र राज्य स्तर और 1 छात्रा राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है, जो विद्यालय और क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
प्रमोद मरावी ने इस उपलब्धि का श्रेय विद्यालय के प्राचार्य दीपक कुमार घोष एवं समस्त स्टाफ को देते हुए कहा कि टीम वर्क और सहयोग से ही ऐसे परिणाम संभव हो पाते हैं।
यह सम्मान न केवल एक शिक्षक की उपलब्धि है, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है।


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