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बिजली बिल के मुद्दे पर भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग तेज, अविनाश श्रीवास्तव ने रेखचंद जैन पर साधा निशाना

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जगदलपुर:    बिजली बिल और स्मार्ट मीटर को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा जगदलपुर पूर्वी मंडल के अध्यक्ष ...

जगदलपुर:   बिजली बिल और स्मार्ट मीटर को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा जगदलपुर पूर्वी मंडल के अध्यक्ष अविनाश श्रीवास्तव ने पूर्व विधायक रेखचंद जैन के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस जनता की चिंता नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक हताशा का प्रदर्शन कर रही है।

अविनाश श्रीवास्तव ने जारी बयान में कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस हर मुद्दे पर राजनीति करने में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने शासनकाल में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी और जनता पर पड़े अतिरिक्त आर्थिक बोझ को भूलकर आज बिजली बिल के नाम पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले यह बताना चाहिए कि उनके शासनकाल में बिजली दरों में कितनी बार वृद्धि की गई और उस समय आम जनता, व्यापारियों तथा उद्योगों पर पड़े प्रभाव को लेकर उनकी क्या भूमिका रही। भाजपा नेता ने दावा किया कि वर्तमान सरकार जनहित और विकास के लिए कार्य कर रही है, जबकि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया।

स्मार्ट मीटर पर कांग्रेस को घेरा

अविनाश श्रीवास्तव ने स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर भी कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस को स्मार्ट मीटर से नहीं, बल्कि व्यवस्था में आने वाली पारदर्शिता से परेशानी है। उनके अनुसार स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को बिजली खपत की वास्तविक जानकारी मिलती है और व्यवस्था अधिक जवाबदेह बनती है।

बिजली रखरखाव कार्यों को लेकर भी प्रतिक्रिया

भाजपा नेता ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था के रखरखाव और सुधार कार्यों को लेकर कांग्रेस की आलोचना को भी अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समय-समय पर किए जाने वाले रखरखाव कार्यों को राजनीतिक मुद्दा बनाना हास्यास्पद है।

कांग्रेस से पूछे कई सवाल

अपने बयान में अविनाश श्रीवास्तव ने कांग्रेस से कई सवाल भी पूछे। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में बिजली दरों में वृद्धि, किसानों, युवाओं और महिलाओं से किए गए वादों, शराबबंदी के अधूरे वादे तथा कथित घोटालों को लेकर जवाब मांगा।

उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस पर महंगे बिजली बिल, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के आरोप लगते रहे हैं, वही आज भाजपा सरकार पर जनता को बिजली का झटका देने का आरोप लगा रही है। श्रीवास्तव ने दावा किया कि जनता कांग्रेस के आरोपों और राजनीतिक प्रचार को समझ चुकी है तथा भाजपा सरकार विकास, सुशासन और जनहित के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है।

राजनीतिक गलियारों में बिजली बिल और स्मार्ट मीटर का मुद्दा आगामी दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच बहस का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

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