जगदलपुर(विमलेंदु शेखर झा): बस्तर पुलिस विभाग में सामने आए कथित वेतन घोटाले के मामले में पुलिस ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए बताया है कि अनि...
जगदलपुर(विमलेंदु शेखर झा): बस्तर पुलिस विभाग में सामने आए कथित वेतन घोटाले के मामले में पुलिस ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए बताया है कि अनियमितताओं का खुलासा नियमित शासकीय ऑडिट के दौरान हुआ। प्राथमिक जांच के बाद मामला दर्ज कर ती पुलिस ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(5), 338, 336(3), 340, 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है और मामले की विस्तृत विवेचना जारी है। न पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार ऑडिट के दौरान वेतन शाखा में वेतन आहरण से संबंधित गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार ऑडिट के दौरान वेतन शाखा में वेतन आहरण से संबंधित गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद कराई गई जांच में आरक्षक क्रमांक 450 गिरीश राय, आरक्षक क्रमांक 289 राजकुमार कतलम तथा डीएसएफ आरक्षक क्रमांक 4003 हेमंत मैथ्यू की संलिप्तता पाई गई। कराई गई जांच में आरक्षक क्रमांक 450 गिरीश राय, आरक्षक क्रमांक 289 राजकुमार कतलम तथा डीएसएफ आरक्षक क्रमांक 4003 हेमंत मैथ्यू की संलिप्तता पाई गई।
जांच में आरोप है कि तीनों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत वेतन देयकों में कूटरचना करते हुए डीडीओ के डिजिटल हस्ताक्षर (पेन ड्राइव) का दुरुपयोग किया तथा विभिन्न भत्तों की राशि बढ़ाकर शासकीय धन का गबन किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(5), 338, 336(3), 340, 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है और मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।


No comments