जगदलपुर, 18 जून 2026: छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नई प्रार्थना व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग को लेकर कांग्रेस अल्पसंख...
जगदलपुर, 18 जून 2026: छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नई प्रार्थना व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग को लेकर कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने गुरुवार को बस्तर जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रकोष्ठ ने पुरानी प्रार्थना व्यवस्था को पुनः लागू करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सर्वधर्म समभाव और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बनाए रखने की अपील की।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश प्रभारी अमीनुल खान सूरी एवं प्रदेश अध्यक्ष अमीन मेमन के निर्देश तथा जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं ग्रामीण इकाई के मार्गदर्शन में यह ज्ञापन सौंपा गया। अल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्ष रोजविन दास के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग के समक्ष अपनी मांगें रखीं।
ज्ञापन में कहा गया कि विद्यालयों में ऐसी प्रार्थना व्यवस्था लागू की जाए जो सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान, देश की एकता-अखंडता, आपसी भाईचारे, राष्ट्रप्रेम तथा वैज्ञानिक एवं आधुनिक शिक्षा के मूल्यों को बढ़ावा दे। प्रतिनिधिमंडल ने नई प्रार्थना व्यवस्था पर पुनर्विचार करते हुए पूर्व में प्रचलित व्यवस्था को बहाल करने की मांग की।
इस दौरान जिला अध्यक्ष रोजविन दास ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत, शिक्षकों की कमी दूर करने तथा शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण पर रोक लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करना होना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पीसीसी प्रदेश प्रवक्ता जावेद खान, प्रशांत जैन, अल्ताफ खान, रविशंकर तिवारी, बिजेंद्र ठाकुर, साहिल हियाल, मोहम्मद इमरान खान, नेलविन दास, पार्षद अफरोज बेगम, पार्षद जोस्टिन भवानी, अंजना नाग, जयंती केरकेट्टा तथा श्याम काशी नायक सहित कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ एवं पार्टी के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने उम्मीद जताई कि शिक्षा विभाग उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए सभी वर्गों की भावनाओं का सम्मान करने वाला निर्णय लेगा।




No comments