जगदलपुर: बस्तर और नारायणपुर जिले के लोगों के लिए रेल संपर्क को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नारायणपुर जिले के रावघाट से 21 जून को पहली ...
जगदलपुर: बस्तर और नारायणपुर जिले के लोगों के लिए रेल संपर्क को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नारायणपुर जिले के रावघाट से 21 जून को पहली बार लौह अयस्क (आयरन ओर) से लदी मालगाड़ी भिलाई के लिए रवाना हुई। इसके बाद लगातार मालगाड़ियों के माध्यम से रावघाट से भिलाई तक लौह अयस्क का परिवहन किया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अब इस रेल परियोजना के अगले चरण में यात्री ट्रेन संचालन की तैयारी शुरू कर दी गई है। यदि सभी तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण सफल रहे, तो अगस्त माह से इस मार्ग पर सवारी ट्रेन का ट्रायल शुरू किया जा सकता है। ट्रायल सफल होने के बाद नियमित यात्री ट्रेन सेवा प्रारंभ करने की योजना है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अब इस रेल परियोजना के अगले चरण में यात्री ट्रेन संचालन की तैयारी शुरू कर दी गई है। यदि सभी तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण सफल रहे, तो अगस्त माह से इस मार्ग पर सवारी ट्रेन का ट्रायल शुरू किया जा सकता है। ट्रायल सफल होने के बाद नियमित यात्री ट्रेन सेवा प्रारंभ करने की योजना है।
जानकारी के मुताबिक रावघाट से भिलाई के बीच करीब 12 प्रमुख स्टॉपेज प्रस्तावित हैं, जिससे हजारों ग्रामीणों और यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे बस्तर और कांकेर अंचल के लोगों के लिए यह परियोजना विकास की नई राह खोलेगी।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की बहुप्रतीक्षित दल्लीराजहरा-रा जगदलपुर : बस्तर और नारायणपुर जिले के लोगों के लिए रेल संपर्क को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नारायणपुर जिले के रावघाट से 21 जून को पहली बार लौह अयस्क (आयरन ओर) से लदी मालगाड़ी भिलाई के लिए रवाना हुई। इसके बाद लगातार मालगाड़ियों के माध्यम से रावघाट से भिलाई तक लौह अयस्क का परिवहन किया जा रहा है। वघाट-जगदलपुर रेल परियोजना लगभग 235 किलोमीटर लंबी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। रावघाट से भिलाई तक मालगाड़ी का सफल तकनीकी परीक्षण होने के बाद अब यात्री ट्रेनों के संचालन की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दल्लीराजहरा-रावघाट खंड पर आवश्यक मंजूरियों और सुरक्षा मानकों की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद इस मार्ग पर मालगाड़ी के साथ-साथ यात्री ट्रेनें भी नियमित रूप से संचालित की जाएंगी।
वहीं दूसरी ओर रावघाट से जगदलपुर तक रेल लाइन निर्माण कार्य में भी तेजी लाई जा रही है। परियोजना पूरी होने के बाद बस्तर संभाग को पहली बार राज्य और देश के प्रमुख रेल नेटवर्क से सीधा और मजबूत संपर्क मिलेगा। इससे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
रेल परियोजना को प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास कार्यों में से एक माना जा रहा है, जिससे बस्तर के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।


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