जगदलपुर( विमलेंदु शेखर झा): बस्तर पुलिस ने केन्द्रीय जेल जगदलपुर से फरार हुए एक सजायाफ्ता बंदी को कड़ी मशक्कत के बाद नारायणपुर जिले से गिरफ...
जगदलपुर( विमलेंदु शेखर झा):
बस्तर पुलिस ने केन्द्रीय जेल जगदलपुर से फरार हुए एक सजायाफ्ता बंदी को कड़ी मशक्कत के बाद नारायणपुर जिले से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी पूर्व में भी दंतेवाड़ा जिला जेल और महेंद्र कर्मा अस्पताल डिमरापाल से पुलिस अभिरक्षा के दौरान फरार हो चुका था। उसकी लगातार फरारी को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर तलाश अभियान चलाया था।
पुलिस के अनुसार महेन्द्र दीवान (25 वर्ष), निवासी चितालंका कलारपारा, थाना सिटी कोतवाली दंतेवाड़ा, दंतेवाड़ा जिले के अपराध क्रमांक 104/2024 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(4) एवं 305(5) के तहत दोषसिद्ध होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, दंतेवाड़ा द्वारा 5 वर्ष 3 माह के कारावास की सजा सुनाई गई थी।
आरोपी को 4 जनवरी 2026 को जिला जेल दंतेवाड़ा से स्थानांतरित कर केन्द्रीय जेल जगदलपुर लाया गया था। उसके विरुद्ध कांकेर, दंतेवाड़ा और परपा थाना क्षेत्र में चोरी के तीन अन्य प्रकरण भी लंबित हैं। इसी दौरान 25 मार्च 2026 को वह केन्द्रीय जेल जगदलपुर से फरार हो गया था, जिसके बाद कोतवाली जगदलपुर में बीएनएस की धारा 262 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले भी जिला जेल दंतेवाड़ा से फरार हो चुका था। इसके अलावा इलाज के लिए महेंद्र कर्मा अस्पताल, डिमरापाल लाए जाने के दौरान भी वह पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे तथा उप पुलिस अधीक्षक (साइबर सेल) अमित देवांगन के मार्गदर्शन में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक भोलासिंह राजपूत के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
लगातार तकनीकी और मुखबिर तंत्र के माध्यम से की गई पतासाजी में आरोपी के नारायणपुर जिले में छिपे होने की सूचना मिली। पुलिस टीम ने करीब एक सप्ताह तक क्षेत्र में डेरा डालकर निगरानी और रेकी की। इसके बाद घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद पुनः जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक भोलासिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक मौसम गुप्ता, आरक्षक माहंगु राम तथा आरक्षक कृष्ण कुमार नेताम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


No comments