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बेसुली एजुकेशन हब में छात्रावास की कमी पर विवाद, रो पड़ीं छात्राएं एकलव्य विद्यालय की अस्थायी शिफ्टिंग के बाद बढ़ी परेशानी, पालकों ने DEO से आदेश वापस लेने की मांग की

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जगदलपुर/भानपुरी। लोहण्डीगुड़ा के गढ़िया में संचालित एकलव्य विद्यालय की अस्थायी शिफ्टिंग भानपुरी स्थित बेसुली एजुकेशन हब में किए जाने के बाद...

जगदलपुर/भानपुरी। लोहण्डीगुड़ा के गढ़िया में संचालित एकलव्य विद्यालय की अस्थायी शिफ्टिंग भानपुरी स्थित बेसुली एजुकेशन हब में किए जाने के बाद छात्रावास में जगह की कमी को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई है। बेसुली एजुकेशन हब के कन्या छात्रावास में पहले से रह रही छात्राओं और स्थानांतरित होकर आईं एकलव्य विद्यालय की छात्राओं के बीच व्यवस्थाओं को लेकर तनाव की स्थिति सामने आई।

मामले की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल मौके पर पहुंचे। बताया गया कि अधिकारियों के सामने कन्या परिसर की छात्राएं भावुक होकर रोने लगीं। बच्चों की परेशानी देखकर मौके पर मौजूद पालकों ने भी नाराजगी जताई और जिला शिक्षा अधिकारी से तीखी बहस हो गई। पालकों ने एकलव्य विद्यालय की अस्थायी शिफ्टिंग के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की।

पालकों का कहना है कि बेसुली एजुकेशन हब के कन्या परिसर में पहले से ही पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं। ऐसे में गढ़िया एकलव्य विद्यालय के विद्यार्थियों को यहां स्थानांतरित किए जाने से छात्रावास में जगह की समस्या और बढ़ गई है। उनका आरोप है कि उचित वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना शिफ्टिंग किए जाने से छात्राओं की पढ़ाई और दैनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

पालकों ने चेतावनी दी है कि यदि एकलव्य विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए जल्द अलग व्यवस्था नहीं की गई तो वे अपने बच्चों के स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) कटवाने के लिए मजबूर होंगे। इसके साथ ही उन्होंने रायपुर पहुंचकर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष शिकायत करने की बात कही है।

बताया जा रहा है कि गढ़िया स्थित एकलव्य विद्यालय के नए भवन का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। इसी कारण विद्यालय को अस्थायी रूप से बेसुली एजुकेशन हब में संचालित करने तथा बच्चों के लिए कक्षा और छात्रावास की व्यवस्था की गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा छात्राओं को समझाने का प्रयास किया।

अब प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि एकलव्य विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराने के साथ बेसुली कन्या परिसर की छात्राओं की मौजूदा व्यवस्था भी प्रभावित न हो। पालकों के अनुसार इस व्यवस्था से कन्या परिसर में अध्ययनरत करीब 150 से 200 विद्यार्थियों की पढ़ाई और आवासीय व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मामले का स्थायी समाधान अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर निर्भर है।

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