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वनाधिकार मान्यता पत्रों के लंबित फौती-नामांतरण प्रकरणों का शीघ्र करें निराकरण : कमिश्नर डोमन सिंह

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अभिलेख दुरुस्तीकरण के साथ हितग्राहियों को ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराने के निर्देश जगदलपुर। वनाधिकार मान्यता पत्र प्राप्त हितग्राहियों को शासन ...

अभिलेख दुरुस्तीकरण के साथ हितग्राहियों को ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराने के निर्देश

जगदलपुर। वनाधिकार मान्यता पत्र प्राप्त हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का सुगम लाभ दिलाने के उद्देश्य से बस्तर संभाग में फौती-नामांतरण और राजस्व अभिलेखों के दुरुस्तीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को वनाधिकार मान्यता पत्र से संबंधित लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कमिश्नर ने विशेष रूप से व्यक्तिगत वनाधिकार मान्यता पत्रों के लंबित फौती-नामांतरण प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने तथा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पात्र हितग्राहियों को ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वनाधिकार मान्यता पत्र के आधार पर फौती-नामांतरण की कार्रवाई पूरी होने के साथ ही संबंधित राजस्व अभिलेखों में आवश्यक दुरुस्तीकरण भी अनिवार्य रूप से किया जाए।

उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों के दुरुस्त और अद्यतन होने से हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इसके लिए लंबित प्रकरणों के निराकरण के साथ-साथ दस्तावेजों के व्यवस्थित संधारण और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कमिश्नर श्री सिंह ने वनाधिकार मान्यता पत्रों से संबंधित निराकृत एवं निरस्त प्रकरणों के दस्तावेजों को शीघ्र रिकार्ड रूम में जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी अभिलेखों का उचित संधारण और रिकॉर्ड प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकरण से संबंधित दस्तावेज आसानी से उपलब्ध हो सकें।

बैठक में मुख्य वन संरक्षक, बस्तर वन वृत्त स्टायलो मंडावी तथा मुख्य वन संरक्षक, कांकेर वन वृत्त श्री झा ने वनाधिकार मान्यता पत्रों के फौती-नामांतरण को लेकर मैदानी स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को फौती-नामांतरण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और संबंधित कार्यवाही की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे पात्र हितग्राहियों के प्रकरण बिना अनावश्यक विलंब के निराकृत हो सकें।

समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने वनाधिकार मान्यता पत्र, फौती-नामांतरण, अभिलेख दुरुस्तीकरण तथा लंबित प्रकरणों के निराकरण की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल, डिप्टी कमिश्नर गीता रायस्त सहित राजस्व, वन एवं आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं संभाग के विभिन्न जिलों से डीएफओ, अपर कलेक्टर एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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