शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाने का आरोप, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल जगदलपुर/बस्तर(विमलेंदु शेखर झा)। बस्तर थाना पुलिस ने...
शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाने का आरोप, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल
जगदलपुर/बस्तर(विमलेंदु शेखर झा)। बस्तर थाना पुलिस ने नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिपोर्ट दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पीड़िता को प्रेम और शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता और आरोपी की पहले से जान-पहचान थी और दोनों मोबाइल फोन पर बातचीत करते थे। आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता को पसंद करने, प्यार करने और शादी करने की बात कहकर मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद जनवरी 2026 में बस्तर क्षेत्र के एक स्थान पर ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। अगले दिन भी आरोपी द्वारा पीड़िता को मिलने के लिए बुलाकर इसी तरह की घटना को अंजाम देने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, 28 अगस्त 2026 को आरोपी की पत्नी के मायके जाने के दौरान घर पर किसी के मौजूद नहीं होने का फायदा उठाकर आरोपी ने पीड़िता को अपने घर बुलाया और उसके साथ दोबारा शारीरिक संबंध बनाए।
घटना के संबंध में पीड़िता द्वारा 1 सितंबर 2026 को बस्तर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 51/2026 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। मामले में बीएनएस की धारा 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के दिशा-निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे 1 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह, उप निरीक्षक अरुण कुमार सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक चतुर राम बघेल, सहायक उप निरीक्षक सुजाता नायडू, प्रधान आरक्षक उमेश चंदेल, आरक्षक अमर कश्यप, डीएसएफ आरक्षक निरंजन वैध और डीएसएफ महिला आरक्षक सरदई सेठिया का विशेष योगदान रहा।


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