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चीनी के बढ़ते दाम के विरोध में कांग्रेस का ‘चीनी सत्याग्रह’

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महंगाई पर अंकुश लगाने और शक्कर की बढ़ी कीमतें वापस लेने की मांग, भाजपा सरकार पर लगाए जनविरोधी नीतियों के आरोप जगदलपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश का...

महंगाई पर अंकुश लगाने और शक्कर की बढ़ी कीमतें वापस लेने की मांग, भाजपा सरकार पर लगाए जनविरोधी नीतियों के आरोप

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को स्थानीय सिरहासार चौक में बढ़ती महंगाई और चीनी की कीमतों में वृद्धि के विरोध में एकदिवसीय ‘चीनी सत्याग्रह’ आंदोलन किया गया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार एवं प्रदेश की साय सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चीनी की बढ़ी कीमतें तत्काल वापस लेने तथा महंगाई पर अंकुश लगाने की मांग की।

आंदोलन को संबोधित करते हुए शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण आम जनता पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकानों में चीनी उपलब्ध नहीं होने से गरीब परिवारों को खुले बाजार से महंगे दाम पर शक्कर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कांग्रेस ने दावा किया कि बस्तर संभाग में चना और गुड़ जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मौर्य ने कहा कि खुले बाजार में शक्कर की कीमत 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने से आम और मध्यमवर्गीय परिवारों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। उन्होंने चीनी की कीमतों में वृद्धि के पीछे गन्ने के रस को एथेनॉल उत्पादन की ओर डायवर्ट किए जाने को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि रसोई गैस, खाद्य तेल, दाल, पेट्रोल-डीजल सहित रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की परेशानी बढ़ा दी है। त्योहारों के मौसम में चीनी की कीमतों में वृद्धि से लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि महंगाई के मुद्दे पर पार्टी आम जनता की आवाज को सड़क से सदन तक उठाती रहेगी।

नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसकी आर्थिक नीतियों का लाभ गरीबों की बजाय पूंजीपतियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर किसानों को गन्ने का उचित मूल्य नहीं मिलने की शिकायत है, वहीं दूसरी ओर बाजार में चीनी के दाम बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से महंगाई पर तत्काल नियंत्रण लगाने और गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने की मांग की।

चौधरी ने कहा कि महंगाई का असर केवल किसी एक वस्तु की कीमत बढ़ने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा प्रभाव पूरे परिवार के घरेलू बजट पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने चीनी की बढ़ती कीमतों और महंगाई पर जल्द नियंत्रण नहीं किया तो कांग्रेस आगे और बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी उमाशंकर शुक्ला, पूर्व महापौर जतिन जायसवाल, रामशंकर राव, महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष लता निषाद, गौरनाथ नाग, अतिरिक्त शुक्ला, लेखन बघेल, वीरेंद्र परिहार, अमरनाथ सिंह, अल्ताफ उल्ला खान, सुभाष गुलाटी, नीतीश शर्मा, रविशंकर तिवारी, सूर्यापानी, संतोष सेठिया, फूलसिंह बघेल, महादेव नाग, सहदेव नाग, अनवर खान, लखेश्वर कश्यप, संजय पाणिग्रही, अपर्णा बाजपेयी, शहनाज बेगम, विजेन्द्र ठाकुर, किसान कांग्रेस अध्यक्ष दयाराम कश्यप सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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